Friday, January 20, 2012

सद-गृहिणी युक्त जगह ही गृह है

                 वेदों में उसी स्त्री को नारी कहा है जो पतिवल्लभा तथा पति का अनुगमन करने वाली है। ऐसी नारी ही सद-गृहिणी कहलाती है और ऐसी गृहिणी से संपन्न घर ही गृह कहलाता है। लकड़ी पत्थर आदि से निर्मित स्थान गृह नहीं कहलाता, वह तो गृह होते हुए भी शून्य के समान है। कदाचित गृह नारिपदभाक न हो तो वह गृह गृह नहीं, अपितु कलह-स्थान है। यदि सद-गृहिणी साथ में हो तो वृक्ष के मूल में स्थित हुए पति को वह स्थान भी मंदिर के सामान समझना चाहिए, क्यों की सती स्त्री जहाँ रहती है वहां सभी सुख समृद्धियाँ, सम्पतियाँ स्वयमेव चली आती है। सतीं स्त्री देवीरुपा है, लक्ष्मीरूपा है। ऐसी स्त्री से रहित प्रासाद भी अरण्य के समान ही है। वेद में आया है कि यज्ञादि में इन्द्र देवता का आवाहन किया गया और हवि-ग्रहण के अनंतर गृह के लिए प्रयाणकाल के समय महर्षि विश्वामित्र इन्द्र को गृह और गृहणी की महिमा बताते हैं। कल्याणी स्त्री से युक्त स्थान चाहे वह जंगल ही क्यों न हो, उत्तम गृह ही है; क्यों की ऐसी स्त्री से संपन्न स्थान समस्त कल्याण-मंगल के जनक होते हैं।

23 comments:

  1. आपकी किसी पोस्ट की चर्चा है नयी पुरानी हलचल पर कल शनिवार 21/1/2012 को। कृपया पधारें और अपने अनमोल विचार ज़रूर दें।

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  2. ससम्मान ही रखना है, गृहणी को..

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  3. बेहतरीन प्रस्‍तुति ।

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  4. सुन्दर कहानी ....

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  5. सुंदर विचार समय मिले आपको कभी तो आयेगा मेरी पोस्ट पर आपका स्वागत है
    http://aapki-pasand.blogspot.com/2012/01/blog-post_21.html

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  6. ससम्मान ही रखना ससम्मान ही रखना |

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  7. सुन्दर विचार.
    agreed.

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  8. बहुत अच्छा लगा आपके पोस्ट पर आकार
    ....नारी की महत्ता का परिचय कराया है ..पर यदि ये बात लोगों को समझ आ जाये तो फिर नारी शोषण शायद कुछ कम हो

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  9. बाह्यत अच्छा लगा आपके ब्लॉग पर आ कर ...नारी की महत्ता का परिचय कराया है पर यही बात लोगों की समझ आ जाय तो फिर नारी शोषण शायद कुछ कम हो

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  10. बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
    --
    आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार के चर्चा मंच पर भी लगाई है!
    सूचनार्थ!

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  11. सद्विचार के साथ एक सार्थक पोस्ट ! आभार !

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  12. नारी की महत्ता को जानकार कर अच्छा लगा....सुन्दर विचार

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  13. कल्याणी का नाम ही स्त्री है. सुंदर पोस्ट.

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  14. उत्तम विचार।
    जहां कल्याणी स्त्री है, वहां मंगल ही मंगल है।

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  15. बहुत सार्थक अभिव्यक्ति सुंदर विचार,.....
    new post...वाह रे मंहगाई...

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  16. Thanx for comment on my blog at new post.

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  17. बहुत सार्थक प्रस्तुति...

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